
सिविल सर्विसेज के जो भी उम्मीदवार इस साल कोरोना महामारी के चलते किसी कारणवश अपनी मुख्य परीक्षा नहीं दे पाए थे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उम्मीदवारों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें परीक्षा देने के लिए और एक मौका देना चाहिए। उन्होंने कोर्ट से परीक्षा देने के लिए अतिरिक्त प्रयास की मांग की है। उम्मीदवारों की इस मांग का विरोध करते हुए सरकार का कहना है कि यदि यह याचिका स्वीकार होती है तो इससे आगामी परिणाम गंभीर होंगे। साथ में सरकार ने यह भी कहा कि यदि इस परीक्षा के लिए एक और मौका दिया गया तो देशभर में कराई गई अन्य परीक्षाओं को लेकर भी मांग उठ सकती हैं। तथा इस मांग का प्रभाव देश में चल रही अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम में भी पड़ेगा।और इस संबंध में यूपीएससी ने यह बात साफ की है कि इस तरह की याचिकाओं को समायोजित करने से अराजकता की स्थिति भी पैदा हो सकती हैं। तथा ऐसे में अन्य परीक्षाएं भी समय पर पूरी नहीं हो पाएंगी। तथा यूपीएससी ने इस याचिका का विरोध किया है और कहा है कि इस तरह की मांगों का कोई महत्व नहीं।

