
अल्मोड़ा। इन दिनों फागुन का महीना चल रहा है| ऐसे में उत्तराखंड में पारंपरिक कुमाऊंनी खड़ी होली का रंग छाया हुआ नजर आ रहा है। जिसके खुमार मे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा भी रंगे हुए नजर आये।
आज वह अपनी ग्रामसभा ढैली पहुंचे। जहां पिछले कई वर्षो की अपनी परम्परा को जीवंत रखते हुए 4 दिनों से होल्यारों द्वारा कुमाऊंनी खड़ी होली मनाई जा रही है। बस क्या था कैलाश शर्मा भी इन होल्यारों के संग रंग-गुलाल खेलने लगे| इतना ही नहीं कैलाश शर्मा खुद को पारंपरिक होली के गीतों पर होल्यारों संग थिरकने से रोक नहीं पाए।
ढैली में खड़ी होली की परंपरा करीब 400 सालों से चली आ रही है। पहाड़ी ढोल और पारंपरिक रागों के साथ उत्तराखंड के समृद्ध इतिहास का वर्णन करते हुए होल्यार खड़ी होली के रंग में रंगे नजर आते हैं। हालांकि वक्त के साथ परंपरा और रीति रिवाजों और वाद्ययंत्रों में कई बदलाव देखने को मिले, लेकिन ढैली की खड़ी होली आज भी उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा की पहचान बने हुए हैं|
आज भी प्रवासी देश-विदेश से होली के पर्व पर उत्तराखंड अपने परिवार के पास पहुंचते हैं। उत्तराखंड की होली देश के अन्य हिस्सों में मनायी जाने वाली होली से काफी अलग है। महाशिवरात्रि के बाद यह होली फाल्गुन एकादशी के दिन से शुरू होती है और छलड़ी तक चलती है। गांव के हर घर-घर तक जाती है। होल्यार पारंपरिक वेशभूषा और पहाड़ी ढोल की थाप पर होली की लोक गीत गाते हुए हर घर में जाते हैं और परिवार को अपना आशीर्वाद देते हैं। धीरे-धीरे बहुत गांवों में बंद हो चुकी खड़ी होली की यह परंपरा चंद शासन काल से बदस्तूर चली आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश शर्मा के प्रयासों से आज भी बहुत शानदार ढंग से ग्रामसभा ढैली मे होली मनाई जाती है।
होली में चंदन बहुगुणा, राजेन्द्र जोशी, दिनेश जोशी, मनीष जोशी, गिरीश तिवारी, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रामसिंह रावत, भुवन बहुगुणा, गिरीश शर्मा, बाला दत्त बहुगुणा, लक्ष्मी दत्त बहुगुणा, तारा दत्त तिवारी, केदार दत्त तिवारी, हरी दत्त तिवारी, सोनू, राजू, दीवान राम आदि समस्त ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।

