
उत्तराखंड राज्य में प्रदेश सरकार हरियाणा की तर्ज पर परिवार पहचान पत्र बनाने जा रही है। बता दें कि प्रदेश सरकार परिवार पहचान पत्र उत्तराखंड को अपने फ्लैगशिप यानी शीर्ष प्राथमिकता वाली योजनाओं में सम्मिलित करेगी और स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान कार्ड व गोल्डन हेल्थ कार्ड योजना के साथ ही खाद्य, पंचायती राज, राजस्व ,समाज कल्याण ,ग्राम विकास सूचना, प्रौद्योगिकी विभाग से इस योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए यह विभाग डाटा उपलब्ध कराने हेतु नोडल अधिकारी नामित होंगे और उत्तराखंड में पहचान पत्र तैयार करने का जिम्मा एनआईसी को सौंपने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में एनआईसी राज्य निदेशक को अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा ने पत्र लिखा है। बता दें कि हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में परिवार पहचान पत्र बनने से जो पहचान पत्र धारक होगा उस परिवार को सरकार की सेवाओं का निर्बाध लाभ मिलेगा और यह विशिष्ट पहचान पत्र मिलने के बाद परिवार के किसी एक सदस्य को जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र मिलने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह सेवाएं उपलब्ध होंगी। बता दें कि इसकी लिए पोर्टल भी बनाया जाएगा और परिवार कल्याण योजना के लक्ष्यों को पाने के लिए विभिन्न विभागों के डेटाबेस से जोड़ने की व्यवस्था परिवार पहचान पत्र योजना के अंतर्गत होगी। इस विशिष्ट पहचान पत्र को प्राप्त करने के लिए प्रदेश में प्रत्येक निवासी पात्र होगा और इस पहचान पत्र से कोई भी व्यक्ति भविष्य में सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ प्राप्त कर पाएगा।

