
कर्मचारियों को सरकार ने होली से पहले एक बड़ा झटका दिया है| जो सीधे देश के लगभग 6 करोड़ वेतनभोगियों को निराश करने वाला है कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की दो दिवसीय बैठक गुवाहाटी में शुरू हुई थी बैठक में गहन विचार के बाद एक बड़ा फैसला किया गया है| जिसके अंतर्गत ईपीएफ में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर में बदलाव करते हुए इसे 8.5 से घटाकर 8.1 फ़ीसदी कर दिया है|
बताते चलें की बैठक शुरू होने से पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि दो दिवसीय बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए भविष्य निधि की ब्याज समेत कई प्रस्ताव पर बड़े फैसले हो सकते हैं| यह भी कहा जा रहा था कि मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए सीबीटी चालू वित्त वर्ष में ब्याज दरों में कमी या स्थिर रखने का फैसला रख सकता है इसके अलावा अनुमान था कि यदि कटौती की जाती है तो ब्याज दरों को 8.35 से 8.45% के मध्य रखा जा सकता है लेकिन संगठन ने इसे 8.1 प्रतिशत तय करने पर मोहर लगाई है| अब सीबीटी के फैसले के बाद 2021-22 के लिए ईपीएस जमा पर ब्याज दर वित्त मंत्रालय को सहमति के लिए भेजी जाएगी ईपीएफओ सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के माध्यम से इसकी पुष्टि करने के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है|

