मानसखंड विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा में वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉक्टर धाराबल्लभ पांडेय के 22500 वर्षीय कैलेंडर का किया गया विमोचन

 मानसखंड विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद कोलकाता के तत्वाधान में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 21 वें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों के सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा वर्चुअल रूप से वीडियो संदेश के माध्यम से हुआ।  
  इस शुभ अवसर पर गणितज्ञ, वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉक्टर धारा बल्लभ पांडेय के 22500 वर्षीय ईसवी, राष्ट्रीय शक संवत्, विक्रम संवत् व बंग्ला संवत् की संयुक्त चतुर्धारा संगम समय सुदर्शनी (कैलेंडर) का विमोचन किया गया। इस कलेंडर को देखने समझने के उपरांत विभिन्न प्रांतो से आए विज्ञान केंद्रों के निदेशकों, वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई और इसे आधुनिक मानसून विज्ञान, खगोल विज्ञान, गणित व ज्योतिष के क्षेत्र में बहुत उपयोगी बताया गया।
 डॉक्टर पांडे ने बताया कि यह कैलेंडर चारों धाराओं के समय ज्ञान की गणना करता है। किसी एक धारा का समय ज्ञात होने पर उसे तीन अन्य धाराओं में भी परिवर्तित किया जा सकता है।  इससे विभिन्न स्मरणीय  तिथियों,  प्राकृतिक घटनाओं, विशेष अवसरों की तिथियां आदि के आगणन और संकलन के रिकॉर्ड रखने में सुविधा रहती है। इस समय सुदर्शनी के माध्यम से हम किसी भी हिंदी समय धारा के समय को आज की अंग्रेजी तिथियां में आसानी से बदल सकते हैं। यह कैलेंडर हमारा राष्ट्रीय पंचांग जो राष्ट्रीय शक संवत कहा जाता है उसको भी प्रोत्साहन देता है और भारतीय एकता व अखंडता के लिए अत्युतम है। इस कलेंडर से संबंधित विभिन्न विषयों के गणितीय एवं वैज्ञानिक विश्लेषण तथा इस कैलेंडर को बनाने की विधि पर 200 पेज की एक पुस्तक भी 'समयालोक सुदर्शनी' के नाम से प्रकाशित है जिसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित किया गया। 
डॉक्टर पांडे ने बताया कि यह अभूतपूर्व कैलेंडर और इस पर आधारित पुस्त मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित किये गये।   यह कैलेंडर और पुस्तक दोनों भारत सरकार द्वारा कॉपीराइट किए गए हैं।

डॉक्टर पांडे ने बताया कि मुझे हर्ष है कि आज इस पुस्तक और कैलेंडर पर कई शोध छात्रों द्वारा शोध किया जा रहा है तथा विभिन्न गणितीय एवं ज्योतिष संबंधी शोध कार्यों में इससे पर्याप्त मदद ली जा रही है।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, डीएम अंशुल सिंह, यूकोस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान परिषद अल्मोड़ा के निदेशक डॉक्टर लक्ष्मीकांत जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा के निदेशक डॉक्टर आईडी भट्ट, मानसखंड विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ नवीन चंद जोशी, देहरादून विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉक्टरपीयूष जोशी एवं सिक्किम, कोलकाता, बैंगलूर आदि विभिन्न प्रांतो के विज्ञान केदो के आए हुए निदेशक‌, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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