
देहरादून| महंगाई का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है | पेट्रोल डीजल और सब्जियों, दूध के बढ़ते दामों के बाद 1 अप्रैल से राज्य में बिजली और पानी भी महंगा होने जा रहा है| घरेलू पेयजल उपभोक्ताओं के लिए 9से 11% की बढ़ोतरी हुई है| वही कमर्शियल उपभोक्ताओं को 15 फ़ीसदी से अधिक भुगतान करना होगा| बिजली के भी नए रेट जारी होंगे| विद्युत नियामक आयोग ने नए रेट को अंतिम रूप दे दिया है| आज यह जारी होंगे|
बताते चलें कि 1 अप्रैल से जल संस्थान राज्य में पेयजल की नई दरें लागू करता है| शहरी क्षेत्रों में पानी के बिलों का निर्धारण हाउस टैक्स के आधार पर होता है| ग्रामीण क्षेत्रों में बिल पानी के नल के आधार पर तय किया जाता है| शहरों में 360 रुपए भवन कर पर ग्रेविटी की पेयजल योजनाओं से जुड़े उपभोक्ताओं को 160 रुपये महीना पानी का बिल आता है| जबकि ट्यूबवेल से जुड़े उपभोक्ताओं का 169 रुपए, पंपिंग पेयजल योजनाओं से जुड़े उपभोक्ताओं का 181 रुपये प्रति महीना बिल 2013 में तय रेट पर निर्धारित किया जाता है| भवन कर 361 रुपये से 2000 के बीच होने पर ग्रेविटी योजना में 169.10 रुपये, ट्यूबेल योजना पर वर्ल्ड 181.56 रुपये, पंपिंग योजना पर 195.80 महीना बिल तय किया गया है| भवन कर ₹2000 से ₹3500 होने पर ग्रेविटी योजना में 199.36 रुपये, ट्यूबवेल योजना में 213.05 रुपये , पंपिंग योजना पर 240.30 बिल निर्धारित है|
यह वृद्धि इन रेटों पर ही लागू होगी| ग्रामीण क्षेत्रों में एक घर में एक से दो टोटी होने पर 9% वृद्धि होगी| घर में इससे अधिक टोटी होने पर 11% की वृद्धि होगी| जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एस के शर्मा ने 1 अप्रैल से पानी के बिलों में बढ़ोतरी की एक सामान्य प्रक्रिया है| हर साल 9,11% की बढ़ोतरी होती है|
बताते चलें कि पानी के बिल में हर महीने 14 रुपये से लेकर 25 रुपये की बढ़ोतरी होगी| जल संस्थान 3 महीने में पानी के बिल जारी करता है| इस तरह इस बिल में 42 रुपये से लेकर 75 रुपये तक का इजाफा होगा|

