
उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर जिले में आंधी तूफान के कारण चामी-क्वैराली गांव के 5 घरों की छत उड़ गई और इस दौरान राशन, कपड़े ,नगदी तथा अन्य सामान मलबे में दब गया। घरों की छत उड़ने के कारण 10 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। राजस्व पुलिस मौका मुआयना करने में जुटी है और ग्रामीणों की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही है। बता दें कि बीते रविवार से मौसम ने पर्वतीय जिलों में करवट बदलनी शुरू कर दी है और बागेश्वर क्षेत्र में तेज अधड़ चलने से चामी-क्वैराली गांव निवासी प्रमोद कांडपाल, रमेश कांडपाल, मोहन कंडवाल, पूरन कांडपाल और मनोहर कांडपाल के घरों की टिन की छत उड़ गई और घरों के बाहर काम कर रहे लोग इस घटना में बाल-बाल बचे। जानकारी के मुताबिक पीड़ित प्रमोद कांडपाल द्वारा बताया गया कि वह पोस्ट ऑफिस से सेवानिवृत्त हुए थे रिटायरमेंट के समय मिली धनराशि से उन्होंने गांव में दो मंजिला मकान बनाया लकड़ी और पत्थर ना मिलने के कारण टिन की छत डाली जो कि उड़ गई है और वह बेघर हो गए हैं। फिलहाल पीड़ित परिवारों को उनके पड़ोसियों के घरों में रखा गया है।

