बागेश्वर । हल्द्वानी के 37 वन आरक्षी प्रशिक्षुओं ने देवकी लघु वाटिका बागेश्वर का भ्रमण कर जैव विविधता के साथ ही पुनः जीवित जल श्रोतों का अध्ययन किया

बागेश्वर – वानिकी प्रशिक्षण अकादमी हल्द्वानी के 37 वन आरक्षी प्रशिक्षुओं द्वारा बलवंत सिंह शाही आई एफ एस के निर्देशन में देवकी लघु वाटिका मंडलसेरा का अवलोकन करते हुए जैव विविधता के साथ पुनर्जीवित जल श्रोतों,मुगा रेशम की खेती को देखा । उन्होंने सिलिंग ,च्यूरा, जामुन,बिच्छू घास-(सिसौना)मेहल, घिंगारु,नाशपाती, पय्या चेरी,बांस,रिंगाल,चंदन,रुद्राक्ष आदि पर वृक्ष मित्र किशन सिंह मलड़ा से विस्तृत जानकारी प्राप्त की । किशन सिंह मलड़ा ने सभी का आभार धन्यबाद करते हुए प्रकृति के संरक्षण के साथ ही मानवीय सामाजिक पर्यावरण को समझते हुए वनों का विकास बेहद जरूरी बताया। उन्होंने जैव विविधता ,चीड़ की खेती को उसके स्वभाव अनुसार दक्षीणी ढाल एवं उत्तरी ढाल में सयुंक्त वनों में विकसित कराने की अपील करते आई,एफ,एस बलवंत सिंह शाही को बताया कि इस कार्य योजना को तत्काल लागू किया जाए। विदित हो कि बलवन्त सिंह शाही पूर्व में बागेश्वर अपनी सेवा प्रदान कर चुके हैं ।
वृक्ष मित्र मलड़ा ने प्रशिक्षुओं को जानकारी देते बताया कि उन्होंने उनके साथ नक्षत्र वाटिका लकड़ियाथल्, शांति वन पंत क्वैराली, नंदा स्मृति वाटिका
मेलाडूंगरि, गरुड़ गंगा,निलेश्वर क्षेत्र आदि स्थानों में देवकी लघु वाटिका को पौधरोपण किया हैं। जिसमें उनका पूर्ण सहयोग रहा है। जिसका परिणाम आज देखने को मिलता है यह हम सभी के लिए एक बरदान से कम नहीं जिनका संरक्षण सभी प्रशिक्षुओं को मिल रहा है । इसका सुखद परिणाम भी आगे देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी के सफल भविष्य की कामना की । इस अवसर पर र्श्रीमती देवकी देवी,रमा देवी ममता देवी,मनिषा,टीना मलड़ा, देशदीपक् द्वारा महोगनी, माउं, अपराजिता के पौधे भेंट कर सभी का स्वागत किया ।

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