अल्मोड़ा -: विवाद के चलते नहीं हुआ रावण दहन, इतिहास में पहली घटना

अल्मोड़ा| दशहरा महोत्सव में शाम को 2 पुतला समितियों के बीच संग्राम छिड़ गया| देखते ही देखते जुलूस में लात-घूसे चलने लगे| इसी दौरान रावण पुतला समिति का एक सदस्य घायल हो गया| आक्रोशित समिति सदस्य दूसरे पक्ष पर कार्रवाई होने तक रावण के पुतले को आगे नहीं ले जाने की जिद पर अड़े रहे|


बताते चलें कि अल्मोड़ा में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रावण परिवार के पुतले बनाए गए थे| इस वर्ष रावण परिवार के करीब 22 पुतले शिखर तिराहे से एलआर शाह रोड होते हुए बाजार की ओर रवाना हुए| हर पुतले के साथ पुतला निर्माण समिति के सदस्य नाचते-गाते हुए चल रहे थे|
मिल रही जानकारी के अनुसार, चौक बाजार के पास रावण और देवांतक पुतला समिति के सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया| इस दौरान रावण पुतला समिति का एक सदस्य घायल भी हो गया| हंगामे की सूचना पर एसडीएम गोपाल चौहान, कोतवाल राजेश कुमार यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे|
चौक बाजार में देवांतक व रावण के पुतले के लोगों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि दशहरा समिति के लोगों को बचाव करना पड़ा| जिसमें यह तय किया गया कि देवांतक पुतले के लोग स्टेडियम में माफ़ी मांगेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ| जिस कारण रावण पुतला समिति के लोग रावण के पुतले को वापस ले आए| इस प्रकार अल्मोड़ा में बनाए गए 22 पुतलों में से केवल 21 पुतलों का ही दहन हो पाया|
ऐसा अल्मोड़ा के इतिहास में पहली बार हुआ है|
अभी भी रावण का पुतला लाला बाजार में खड़ा है|