
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) देहरादून के परिसर में डी.एल.एड. 2021–22 बैच के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने आगामी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अपने बच्चों — सभी जनपदों के डायट(DIET) संस्थानों में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं — को शामिल किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि डी.एल.एड. 2021–22 बैच के प्रशिक्षुओं का कोर्स अब अंतिम चरण में है, ऐसे में केवल कुछ दिनों के अंतर के कारण उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखना न तो न्यायसंगत है, न ही व्यावहारिक।
अभिभावकों ने बताया कि दो वर्षों से यह प्रशिक्षु कड़े प्रशिक्षण से गुजर रहे हैं — विद्यालय आधारित शिक्षण अभ्यास, परियोजना कार्य, मूल्यांकन, और प्रशिक्षण के प्रत्येक आयाम को पूरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि “जब पूरा सत्र लगभग समाप्त होने को है, तो इन प्रशिक्षुओं को भर्ती से वंचित करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।”
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से डी.एल.एड. 2021–22 बैच को आगामी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सम्मिलित करने की अपील की। उनका कहना था कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को अवसर प्रदान कर शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाना है, तो ऐसे प्रशिक्षु जो पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं या कुछ ही दिनों में करने वाले हैं, उन्हें अवसर से वंचित करना उस उद्देश्य के विपरीत है।
कई अभिभावकों ने भावुक होकर कहा कि “हमारे बच्चे दो साल से प्रशिक्षण में हैं, अब जब भर्ती निकलती है तो केवल कुछ दिनों के अंतर से उन्हें बाहर कर दिया गया। यह उनके मनोबल को तोड़ने जैसा है।”
अभिभावकों ने आशा व्यक्त की कि शिक्षा विभाग और शासन डी.एल.एड. 2021–22 बैच के प्रशिक्षुओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेकर उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल करेगा, ताकि उनका परिश्रम और दो वर्षों की मेहनत व्यर्थ न जाए।

