
रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध और तेजी से बढ़ रहा है कोई भी अपनी जीद से पीछे नहीं हट रहा है| रूस-यूक्रेन संकट के बीच आज यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सभी भारतीय छात्र तत्काल प्रभाव से कीव शहर को छोड़ दे| बाहर जाने के लिए रेल बस या अन्य साधन का उपयोग कर सकते हैं| जानकारी के अनुसार रूसी सेना 24 घंटे के भीतर कीव शहर पर ताबड़तोड़ हमले को अंजाम दे सकती है| इसलिए एहतियातन भारतीय नागरिकों एवं छात्रों को शहर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है| जानकारी के मुताबिक भारतीय नागरिकों को एयर लिफ्ट कराने के लिए एयर फोर्स के कई सी-17 विमानों की सहायता ली जाएगी| ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय नागरिकों की निकासी अभियान को और तेज करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद भारतीय वायु सेना को इस ऑपरेशन से जुड़ने के लिए कहा| कहा कि वायुसेना के हवाई जहाजों के जुड़ने से भारतीयों के लौटने की प्रक्रिया गति पकड़ेगा और उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी| भारत से भेजी जा रही राहत सामग्री भी और तेजी से पहुंचेगी| जानकारी मिली है कि भारतीय वायु सेना के C-7 विमान आज से ही ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान भर सकते हैं| यह यूक्रेन में मौजूदा स्थिति पर दिन के दौरान प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में दूसरी उच्च स्तरीय बैठक थी| जिसमें यह फैसला लिया गया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) सहित विशेष दून क्रेन में चल रहे रूसी सैन्य अभियानों के बीच फंसे भारतीयों की निकासी के लिए समन्वय के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों की सहायता करेंगे| जिसके बाद भारतीय वायु सेना ने कमर कस ली है| सबका मकसद यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाना है क्योंकि दिनोंदिन यूक्रेन की स्थिति बिगड़ती जा रही है|

