
कपकोट (बागेश्वर )। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मंगलवार को तहसील कपकोट का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि सहायक उप निबंधक सप्ताह में अनिवार्य रूप से दो दिन तहसील कपकोट में बैठकर जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। इसके लिए तत्काल पत्राचार करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया का नियमानुसार निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत निस्तारण किया जाए एवं राजस्व एवं जनसेवा से जुड़ी प्रक्रियाओं में अधिकतम डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राजस्व परिषद द्वारा हाल ही में ई-भूलेख (e-Bhooleh), भू-मैप (Bhu-Map), ई-परमिशन (e-Permission), एग्री लोन (Agri Loan) एवं ई-आरसीएस (e-RCS) जैसे कई ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए गए हैं। इन पोर्टलों के माध्यम से भूमि अभिलेखों का सत्यापन, नक्शों की ऑनलाइन उपलब्धता तथा संपत्ति से संबंधित अनुमतियां अब डिजिटल रूप से प्राप्त की जा सकती हैं।जिलाधिकारी ने तहसील कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। लैंडलाइन फोन बंद पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल सुचारु करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए कंट्रोल रूम का सक्रिय रहना अत्यंत आवश्यक है।
विभिन्न पटलों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पत्रावलियों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष जोर दिया तथा निर्देश दिए कि तहसील स्तर से निर्गत होने वाले सभी प्रमाण पत्र निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल, तहसीलदार नितिशा आर्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

