
अल्मोड़ा/बाड़ैछिना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जिला अल्मोड़ा का ‘प्राथमिक शिक्षा वर्ग-2026’ शनिवार, 10 जनवरी को बाड़ेछीना में पूर्ण गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 2 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुए इस 9-दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में शिक्षार्थियों ने संघ की रीति-नीति, शारीरिक दक्षता और बौद्धिक विकास का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अनुशासित दिनचर्या और प्रशिक्षण
वर्ग के दौरान एक सुव्यवस्थित और अनुशासित दिनचर्या का पालन किया गया। प्रतिदिन दो संघ स्थान (शारीरिक अभ्यास के लिए मैदान), 9 बौद्धिक सत्र, 7 शिक्षार्थी संवाद सत्र और 7 चर्चा सत्रों का आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त, रात्रि कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया।
समापन समारोह और प्रेरणा
समापन समारोह में वर्ग कार्यवाह सुरेश कांडपाल ने शिक्षक और व्यवस्था में लगे सभी स्वयंसेवक बंधुओं का आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने वर्ग के ध्येय वाक्य (सुभाषित) को आत्मसात करने का आह्वान किया:
“हिन्दव: सोदरा: सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्। मम दीक्षा हिन्दू: रक्षा, मम मंत्र: समानता।।”
(भावार्थ: सब हिन्दू भाई हैं, कोई भी हिन्दू पतित नहीं है। हिंदुओं की रक्षा मेरी दीक्षा है, समानता यही मेरा मंत्र है।)
सुरेश कांडपाल ने शिक्षार्थियों से आग्रह किया कि वे इस समानता और रक्षा के मंत्र को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाएं।
प्रमुख वक्ता और अधिकारी
इस पूरे वर्ग के दौरान विभिन्न बौद्धिक और संवाद सत्रों में वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। बौद्धिक वक्ताओं में बसंत तिलारा, भूपेंद्र गोबाड़ी, कमल , वीरेंद्र , शंकर मेहरा, गिरजा शंकर पाठक, राजेश राठौर, राजेंद्र जोशी और सुरेश कांडपाल प्रमुख रहे।
वहीं, संवाद सत्रों में भूपेंद्र सिंह भंडारी, चंद्र प्रकाश फूलोरिया, नंदन बिष्ट, अनिल कांडपाल, भूपेंद्र गोबाड़ी, गणेश धनखोला और वीरेंद्र जी ने शिक्षार्थियों के साथ विचार साझा किए।
उपस्थिति
वर्ग के सफल संचालन में वर्ग सर्व व्यवस्था प्रमुख जितेंद्र बोरा, बलदेव जी, तारा जी, शंकर, बच्ची सिंह, देवेंद्र, अशोक, नन्द किशोर, खिला नन्द भट्ट, कमलेश, भारत, दिवाकर, डॉ शिवराज, गोकुल सहित अनेक स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही।

