
उत्तराखंड राज्य के हर जिले में वन्यजीव बंध्याकरण केंद्र बनाया जाएगा इसके लिए दो सप्ताह में योजना पेश की जाएगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में मानव- वन्य जीव संघर्ष में चिन्हित वन्यजीवों के रेस्क्यू पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। वन्यजीव लंगूर, बंदर, सूअर, भालू आदि की जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए हर जिले में आधुनिक वन्य जीव बंध्याकरण केंद्र बनेगा। इसके लिए पर्वतीय वन क्षेत्र में न्यूनतम 10 नाली एवं मैदानी वन क्षेत्र में एक एकड़ की भूमि आरक्षित की जाएगी। पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य में मानव – वन्य जीव संघर्ष के मामले सामने आ रहे हैं और ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि हर जिले में वन्य जीव बंध्याकरण केंद्र बनाया जाएगा जिसके लिए दो सप्ताह में योजना भी पेश होगी।

