
अल्मोड़ा। 24 नवंबर 2024: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आज अल्मोड़ा में एक सफल गुणात्मक संचलन का आयोजन किया। जिला प्रचार प्रमुख राजेंद्र जोशी ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम अनुशासन और शांति के साथ संपन्न हुआ। संघ के प्रशिक्षित स्वयंसेवक दंड सहित पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे।
संचलन का प्रारंभ सुबह 10 बजे सरस्वती शिशु मंदिर जीवनधाम से हुआ और यह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हीराडूंगरी से पुनः सरस्वती शिशु मंदिर पर समाप्त हुआ। संचलन का यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे तक चला, जिसमें आरएसएस के सदस्य पूर्ण अनुशासन और समर्पण के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और संगठन का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अनुमति प्राप्त की गई थी और प्रशासन ने आवश्यक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की थी। इसके परिणामस्वरूप, संचलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
आरएसएस के नगर कार्यवाह कुंवर और जिला कार्यवाह जगदीश नेगी ने बताया कि इस संचलन का मुख्य उद्देश्य समाज में अनुशासन, संगठन और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद मिलती है और युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
इस आयोजन में विभाग प्रचारक कमल, जिला प्रचारक आशुतोष, नंदन, दीपक, सूरज, भास्कर, सुरेश, प्रकाश और मनीष सहित संघ के प्रशिक्षित स्वयंसेवक उपस्थित थे। उपस्थित स्वयंसेवकों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम ने यह भी सिद्ध किया कि समाज में संगठन, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का महत्व कितना बड़ा है और इसे कैसे बनाए रखा जा सकता है। यह आयोजन न केवल आरएसएस के सदस्यों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना।
यह जानकारी जिला प्रचार प्रमुख राजेंद्र जोशी ने दी। इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने प्रशासन और स्थानीय जनता के सहयोग की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस कार्यक्रम की सफलता ने न केवल संघ के आदर्शों को पुनः स्थापित किया बल्कि समाज के अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरित किया कि वे भी अनुशासन, संगठन और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। संघ के इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
आरएसएस के सदस्यों का यह दृढ़ संकल्प और समर्पण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें एक मजबूत राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
इस कार्यक्रम ने साबित किया कि सही दिशा में की गई मेहनत और समर्पण से समाज में अनुशासन और संगठितता का महत्व कितना बड़ा हो सकता है। यह आयोजन निस्संदेह आने वाले समय के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

