Uttarakhand:- आधा किलोमीटर से अधिक पीछे किसका पिंडारी ग्लेशियर….. पढ़े पूरी खबर

उत्तराखंड राज्य में पिंडारी ग्लेशियर अपने स्थान से आधा किलोमीटर पीछे खिसक चुका है। पिंडारी ग्लेशियर की ट्रैकिंग कर लौट रहे राज्य वन्यजीव परिषद के सदस्य अनूप साह और उनके साथी छायाकार धीरेंद्र बिष्ट द्वारा यात्रा अनुभव साझा किए गए। पद्मश्री अनूपसाह के अनुसार 60 साल पहले जहां जीरो पॉइंट हुआ करता था वहां पहाड़ दिखाई देते हैं। ग्लेशियर आधा किलोमीटर से अधिक पीछे जा चुका है और यह ग्लेशियर मानव दखल के कारण संकट में है। पिंडारी ग्लेशियर साल दर साल पीछे खिसकता जा रहा है इसको लेकर पर्यावरणविद् भी चिंतित है। अनूप शाह के अनुसार 1964 में उन्होंने पहली बार पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा की थी उसे समय कपकोट से 115 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती थी वर्तमान में खाती तक वाहन सुविधा होने से मात्र 31 किलोमीटर ही ट्रैकिंग करनी पड़ती है लेकिन वहां पर अब पहले से ज्यादा मार्ग खराब है। उनका कहना है कि ग्लेशियरों के पीछे खिसकने का असर वन्यजीव जंतुओं पर भी पड़ रहा है।