
उत्तराखंड राज्य में शुक्रवार को एक बार फिर से विद्युत नियामक आयोग द्वारा नई दरें जारी कर दी गई है। बता दे कि प्रदेश में बिजली सात फ़ीसदी महंगी हो गई है और यह नई दरे 1 अप्रैल से मानी जाएंगी।
राज्य में बीते 10 सालों के अंतर्गत बिजली की दरों में लगातार तीसरी बार बड़ी बढ़ोतरी हुई है इससे पहले 2015 में 7% से अधिक बढ़ोतरी देखी गई थी और 2009 में 17% बिजली की दरें बढ़ी थी वही 2010 में 10% की बढ़ोतरी बिजली की दरों में देखने को मिली और 2013 में 5% बिजली की दरे बढ़ी। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि यूपीसीएल को बिजली देता है उसके दामों में भी 7.14% की बढ़ोतरी की गई है और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड ने 24.84 प्रतिशत की मांग रखी थी। बिजली दरों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को फिर से बड़ा झटका मिला है और आम उपभोक्ता के बजट में खासा प्रभाव पड़ने वाला है।

