Uttarakhand -देवभूमि पर पहली बार लगा खून का दाग…… पहले कभी नहीं रहा हिंसक घटनाओं का इतिहास

उत्तराखंड राज्य में पहली बार खून के छीटें इस तरह से दिखाई दिए हैं। बता दे कि यहां पर राज्य की संस्कृति में खून का यह रंग पहले देखने को नहीं मिला राज्य में तब से शांति व्यवस्था बनी हुई है जब से यह राज्य बना है। यहां की शांत वादियां और सुकून बाहरी लोगों को भी आकर्षित करता है मगर हल्द्वानी में हुई इस हिंसा ने उत्तराखंड की संस्कृति पर खून के छीटें डाल दिए हैं।

इस घटना ने पूरे राज्य के मन को झकझोर कर दिया है। उत्तराखंड में पहले कभी भी हिंसक घटनाओं का इतिहास नहीं रहा लेकिन आज इस घटना के बाद राज्य की ललाट पर यह दाग लग चुका है। कई सालों से यहां पर मुस्लिम आबादी रह रही है लेकिन वह लोग भी यहां की संस्कृति में रच बस गए हैं। लोगों के घरों के निर्माण करने से लेकर मंदिरों तक की सजावट के हर काम में उनका सहयोग होता है और यह काफी सुखद भी है लेकिन इस बार की हिंसक घटना ने सभी को दुख पहुंचाया है। राज्य के हरिद्वार, रुड़की, उधम सिंह नगर जैसे शहरों में बाहर के लोग आकर रच बस गए हैं और ऐसा लगता है जैसे वह हमारे अपने ही हैं। मैदान और पहाड़ दोनों ही इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं लेकिन आज की घटना ने सभी को दुख पहुंचाया है। राज्य में अचानक शांति भंग हो गई इस घटना से सत्ता और विपक्ष दोनों हैरान है क्योंकि देवभूमि में कभी भी इस तरह की घटना की कल्पना किसी ने नहीं की थी।