
उत्तराखण्ड राज्य में इस बार सूखी ठंड काफी अधिक बढ़ चुकी है। बता दे कि बर्फबारी और बारिश न होने के कारण सर्द हवाओं ने जनवरी में पारा बढ़ाने की जगह शीत दिवस बढ़ाएं हैं। राज्य में कड़ाके की ठंड के चलते शीत दिवस काफी बढ़े हैं और इस मामले में बीते 11 वर्षों का रिकॉर्ड भी टूट चुका है। जनवरी में पारा बढ़ने के कारण लगातार कोल्ड डे भी बढ़ रहे हैं। कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों में अभी तक पांच शीत दिवस रिकॉर्ड किए गए हैं।
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक 2013 जनवरी में आठ बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री या इससे कम रिकॉर्ड किया गया था। इस साल अभी तक पांच बार ऐसा हो चुका है और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे होने पर शीत दिवस माना जाता है। जनवरी के आखिरी दिनों में भी तापमान लगातार गिर रहा है और ऐसे में सूखी ठंड के कारण बीमारियां भी फैल रही हैं। बारिश और बर्फबारी ना होने के कारण जल स्रोत सूखने के साथ-साथ खेती भी चौपट हो रही है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में आगामी दो दिनों तक शीतलहर का प्रभाव रहेगा और सुबह- शाम मैदानी क्षेत्रों में अगले 4 दिनों तक ठंड बनी रहेगी हालांकि दिन में हल्की धूप खिलने से थोड़ा राहत मिल सकती हैं लेकिन कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ आज 28 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा और 31 जनवरी से 2 फरवरी के दौरान हल्की मध्यम बारिश और बर्फबारी राज्य में देखी जा सकती है।

