
अब जनवरी 2024 से एम्स ऋषिकेश ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू करने जा रहा है| जिसके माध्यम से यहां से प्रतिदिन ड्रोन से पहाड़ी क्षेत्रों में दवाइयां व अन्य चिकित्सा संबंधी सामग्री भेजी जाएगी| एम्स प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारी कर ली है| नए वर्ष में एम्स ऋषिकेश के नाम एक और उपलब्धि जोड़ने जा रही है|
एम्स प्रशासन जनवरी माह में ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू करने जा रहा है| यह सेवा केंद्र राज्य सरकार व एम्स के समन्वय से संचालित होगा|
ड्रोन मेडिकल सेवा के नोडल अधिकारी जितेंद्र गैरोला के मुताबिक, पूरे देश में सेवा शुरू की जा रही है| एम्स को भी केंद्र सरकार से इस सेवा को जल्द शुरू करने के निर्देश मिले हैं| यह सेवा चारधाम यात्रा व आपदा के दौरान काफी महत्वपूर्ण साबित होगी|
इसके पहले चरण में प्रत्येक जनपद के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को इस सेवा से जोड़ा जाएगा|
बता दें पहाड़ी क्षेत्रों में ड्रोन से दवाईयां आदि भेजें जाने के लिए एम्स प्रशासन पूर्व में तीन बार ट्रायल कर चुका है| ड्रोन से दवाईयां भेजने वाला ऋषिकेश एम्स देश का पहला एम्स है| इसका पहला ट्रायल 16 फरवरी 2023 को किया गया था और दूसरा ट्रायल 2 मार्च को यमकेश्वर सीएससी में दवाई भेजकर किया गया था| तीसरा ट्रायल 7 अगस्त 2023 को किया गया था, जिसके तहत कोटद्वार ब्लड कंपोनेंट भेजे जा रहे थे| लेकिन ड्रोन अपने निर्धारित स्थल से कुछ दूर पहले क्रश हो गया, हालांकि ब्लड कंपोनेंट पूरी तरह सुरक्षित थे|
बता दें, इस योजना में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भूमिका भी अहम होगी| एम्स से जिन पहाड़ी स्वास्थ्य केंद्र में ड्रोन से दवाइयां या अन्य सामग्री भेजी जाएगी वहां ड्रोन से सामग्री उतरना या इस पर सामग्री चढ़ाने का कार्य महिलाएं करेंगी| इसके लिए इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा| इन महिलाओं को ड्रोन उड़ने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा| भविष्य में यही महिलाएं ड्रोन भी उड़ाएंगे| जिनको नमो ड्रोन दीदी का नाम दिया गया है| इस योजना की शुरुआत चंबा से की जाएगी| इसके लिए चंबा कार्य योजना तैयार कर ली गई है|

