
उत्तराखंड राज्य में परिचालकों के हवाले 439 बसों को किया गया है। बता दें कि वाल्वो ,एसी और सीएनजी के अलावा कई साधारण बसें रोडवेज के साथ अनुबंध के तौर पर जुड़ी हुई है और रोडवेज से अनुबंध होने पर इन्हें किलोमीटर के हिसाब से पैसा मिलता है। इनमें चालक तो मालिक होता है लेकिन परिचालक निगम का होता है। वही इस अनुबंधित बसों के चालकों को लेकर लगातार परिवहन निगम मुख्यालय के पास शिकायत पहुंच रही है।
अब निगम द्वारा आदेश जारी किया गया है कि रोडवेज के परिचालक बसो की जिम्मेदारी लेंगे और हर गतिविधि की निगरानी करेंगे। चालक यदि लापरवाही बरतता है तो सीधे डिपो को जानकारी देंगे उसके बाद कार्यवाही होगी। उत्तराखंड रोडवेज के अलग-अलग डिपो में इस समय 439 गाड़ियों को अनुबंध के तहत चलाया जा रहा है और निगम का कहना है कि रास्ते में निर्धारित बस स्टॉप से दूरी बनाना, अनुबंध ढाबो पर गाड़ी न रोकना, यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करना, तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम चलाने के अलावा धूम्रपान करने की शिकायती भी पहुंच रही है इसलिए परिचालकों पर बसों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है और यदि चालक कोई लापरवाही बरतते हैं तो परिचालक इसकी शिकायत डिपो में करेंगे।

