अंगदान पंजीकरण में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर, यह राज्य रहा पहले स्थान पर.. ..

उत्तराखंड में 73,682 दानवीरों ने अंगदान का संकल्प लिया है| इसमें आयुष्मण भव अभियान के तहत एक पखवाड़े में 3,000 से अधिक लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण किया है|
बता दें, प्रदेश की कुल आबादी के सापेक्ष अंगदान पंजीकरण में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है, जबकि तेलंगाना इसमें पहले और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है|


स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़े में प्रदेशभर में 3059 लोगों ने राष्ट्रीय अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है| अब अंगदान पंजीकरण का आंकड़ा 73,000 पार कर चुका है| कहां की आयुष्मण भव अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा| इससे पहले अंगदान करने वाले दानियों को प्रशस्तिपत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा|


बता दें, आयुष्मण भव अभियान के तहत चलाए गए सेवा पखवाड़े में नैनीताल जिले में सबसे अधिक 872 लोगों ने पंजीकरण कराया है| इसमें दूसरे स्थान पर पिथौरागढ़ से 493, चमोली से 340, देहरादून से 201, टिहरी से 188, अल्मोड़ा से 187, उधम सिंह नगर से 118, पौड़ी गढ़वाल से 103, बागेश्वर से 100, उत्तरकाशी से 85, चंपावत से 76, हरिद्वार से 42, रुद्रप्रयाग में 23 लोगों ने राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराया| इस अभियान के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रक्तदान एवं अंगदान पंजीकरण, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, सिकल सेल उन्मूलन बेहतर कार्य करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा|