
अल्मोड़ा| जिले में सरकारी राशन की दुकानों में ताले लटकते से 5 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है|
दरअसल बिलों के भुगतान की मांग पर सस्ता गल्ला विक्रेता राशन वितरण बंद कर हड़ताल पर है| ऐसे में जिलेभर में 968 सस्ते गल्ले की दुकान बंद है और राशन उठान नहीं होने से गोदाम में 25306 क्विंटल डंप है| उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल रहा है और वह सस्ते गल्ले की दुकानों में पहुंचने के बाद मायूस होकर घर लौट रहे हैं|
बता दें, जिले में 978 सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन होता है| इससे 5 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को सरकारी राशन मिलता है| इसी बीच तीन दिन पूर्व लंबित बिलों का भुगतान न होने से नाराज सभी सस्ता गल्ला विक्रेता हड़ताल पर चले गए| इससे दुकानों में ताले लटके है| नया महीना शुरू होने के बाद उपभोक्ता राशन लेने के लिए सस्ता गल्ला की दुकानों में तो पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें राशन नहीं मिल रहा है| सस्ता गल्ला विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल कब खत्म होगी और उन्हें कब राशन मिलेगा उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान है|
बीते दिवस नंदा देवी परिसर में पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने बैठक की| जिसमें निर्णय लिया गया कि अब राशन गोदाम में धरना दिया जाएगा|
समिति के जिला अध्यक्ष संजय शाह के अनुसार, जब तक सरकारी विक्रेताओं के सभी लंबित बिलों का भुगतान और मानदेय स्वीकृति के लिए समिति का गठन नहीं करती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी| मांग पूरी होने के बाद वह अपनी दुकानों के ताले खोलेंगे|
बता दे नाराज विक्रेताओं ने 10 अक्टूबर को सभी राशन गोदामों में धरना देने का निर्णय लिया है|

