
उत्तराखंड राज्य में खूब पानी बरसने के बाद अब मानसून विदाई की ओर है। बता दें कि दक्षिण पश्चिम मानसून की अवधि 30 सितंबर को बीत गई है। देहरादून, हरिद्वार ,पौड़ी ,उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों के कुछ हिस्सों से मानसून ने विदाई भी ले ली है। बुधवार को चंपावत ,पिथौरागढ़ जिलों में आंशिक बादलो के बीच धूप खिली और मौसम विभाग के अनुसार दो-तीन दिनों के भीतर उत्तराखंड से मानसून के विदाई की अनुकूल परिस्थितियों बन गई हैं। प्रदेश में इस बार 1210. 8 मिमी वर्षा हुई ।बता दे कि प्रदेश में सामान्य रूप से 1 जून से 30 सितंबर के बीच 1162.7 मिमी वर्षा होती है और समग्रता के लिहाज से अल्मोड़ा ,टिहरी ,नैनीताल, पिथौरागढ़ जिलों में सामान्य वर्षा देखने को मिली चंपावत, पौड़ी ,रुद्रप्रयाग में सामान्य से कम और बागेश्वर, चमोली ,देहरादून, हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर में सामान्य से अधिक बादल बरसे।सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बागेश्वर और सबसे कम वर्षा पौड़ी में हुई। प्रदेश में 23 जून को मानसून का आगमन हुआ और जून में मानसून धीमा रहा पूरे माह में 14 प्रतिशत कम वर्षा हुई ।जून के आखिरी में मानसून ने गति पकड़ी और जुलाई भर यह दौर जारी रहा। पूरे मानसून के दौरान 102 लोगों की जान गई तथा काफी अधिक लोग घायल हो गए। उत्तराखंड के लिहाज से मानसून बेहतर रहा। देहरादून ,हरिद्वार के अधिकांश क्षेत्र व पौड़ी, उधम सिंह नगर ,नैनीताल के कुछ हिस्सों से मानसून लौट गया है और दो-तीन दिन के भीतर पूरे उत्तराखंड से मानसून विदा ले लेगा।

