
अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरीन की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रही है, जिस कारण अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है| बीते दिवस जिला महिला अस्पताल पहुंची गर्भवतियों को महिला चिकित्सकों के अवकाश पर रहने से बच्चों के डॉक्टर से जांच करानी पड़ी| वहीं अन्य मरीजों को उपचार करने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है|
बता दें, जिला महिला अस्पताल में 9 महिला चिकित्सक और एक बाल रोग चिकित्सा की तैनाती है| इसमें से तीन चिकित्सक अवकाश पर रहीं और तीन पीजी करने के लिए अस्पताल छोड़कर चली गई| शेष चार चिकित्सकों में से दो की रात्रि ड्यूटी लगने से वह अस्पताल नहीं आई| सिर्फ एक महिला चिकित्सक और एक बाल रोग चिकित्सक के भरोसे अस्पताल का संचालन हुआ| सुबह से ही गर्भवती महिला और अन्य मरीज अस्पताल पहुंच रहे थे| जानकारी के मुताबिक, 10:00 बजे तक 150 से अधिक गर्भवती और मरीज जांच और उपचार के लिए पहुंच गए, लेकिन एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ होने से उनके उपचार और जांच करने में घंटों का इंतजार करना पड़ा| चिकित्सक के कक्षा के बाहर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा, भीड़ अधिक होने से बाल रोग विशेषज्ञ को भी गर्भवतियों की जांच करने के लिए मजबूर होना पड़ा|
घंटों बाद जांच और उपचार होने से गर्भवतियों, मरीजों ने राहत की सांस ली| इस दौरान दूर-दराज से पहुंची गर्भवतियों और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी| भीड़ के कारण तय समय बाद भी जांच और उपचार किया गया| शाम 3:00 बजे तक अस्पताल का संचालन हुआ, जबकि इसका समय दोपहर 2:30 बजे तय है|
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रीति पंत के अनुसार, चिकित्सकों के अवकाश और पीजी के लिए जाने से दिक्कत आई है| चिकित्सकों के अवकाश से लौटने के बाद व्यवस्था पटरी पर लौटेगी| गर्भवती और मरीजों को राहत पहुंचाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे|

