
उत्तराखंड के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के 20 हजार से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है| 22 अप्रैल 2006 से पहले के इन शिक्षकों की उपार्जित अवकाश के रूप में जुड़ी छुट्टियां अब लैप्स नहीं होगी|
इस संबंध में आदेश जारी किया गया है| बेसिक शिक्षा निदेशक आरके उनियाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन परिषदीय सेवा काल में कार्यरत बेसिक शिक्षक राजकीयकरण होने के बाद परिषदीय सेवाकाल में जुड़े उपार्जित अवकाश को देने की लंबे समय से मांग कर रहे थे|
दरअसल, 22 अप्रैल 2006 से बेसिक शिक्षा परिषद के तहत कार्यरत समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी राज्य सरकार के शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी हो गए हैं| इन शिक्षकों की सेवाओं का राष्ट्रीयकरण हो गया है| उत्तरांचल शिक्षा अधिनियम 2006 में उल्लेखित इस अधिनियम के प्रभावी होने की तारीख से पहले कार्यरत शिक्षक अधिकारी कर्मचारी राज्य सरकार को अंतरित हो जाएंगे|
शिक्षा निदेशक के मुताबिक, 22 अप्रैल 2006 से पहले इन शिक्षकों का जुड़ा उपार्जित अवकाश पहले लैप्स हो रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा| अप्रैल 2006 से पहले जिन शिक्षकों की जितनी साल की सेवाएं होंगी, हर साल एक उपार्जित अवकाश के रूप में शिक्षक छुट्टी ले सकेंगे| लेकिन इन शिक्षकों की परिषदीय सेवाओं के दौरान जुड़े उपार्जित अवकाश का नगद भुगतान नहीं होगा|

