
मानसूनी सीजन में लोगों को उत्तराखंड आना काफी भारी पड़ सकता है। बता दे कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाबरकोट के पास बीते मंगलवार को भारी भूस्खलन हुआ और पहाड़ों से बोल्डर गिरने का सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा जिसके बाद मंगलवार की रात तक रुक-रुक कर पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे और इसलिए यहां पर 50 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं। यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध होने के कारण यमुना घाटी के 12 गांवो का भी जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालय ,अस्पताल व बाजार से संपर्क कट चुका है और करीब 300 तीर्थ यात्रियों के 50 से अधिक वाहन वहां पर फंसे हुए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल के अनुसार डाबरकोट की पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। जब बीते मंगलवार के दोपहर को पत्थर गिरने का सिलसिला कुछ रुका तो राजमार्ग प्राधिकरण बड़कोट खंड की टीम ने मार्ग को सुचारु करने का कार्य शुरू किया लेकिन उसके कुछ समय बाद फिर से पत्थर गिरने लगे और कार्य रोकना पड़ा जिस कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बंद होने के कारण न सिर्फ यात्रियों बल्कि स्थानीय लोगों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का मुख्य बाजार आदि से संपर्क कट चुका है जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

