
उत्तराखंड में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत छात्र-छात्राओं को अब 6 साल का होने के बाद कक्षा एक में एडमिशन मिलेगा|
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने पास किया है|
आरटीई के तहत अब तक 5 साल के छात्र-छात्राओं को सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा-1 में एडमिशन मिलता था, लेकिन अब 6 साल की आयु पूरी होने के बाद ही उन्हें कक्षा एक में एडमिशन दिया जाएगा|
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 6 साल तक बच्चा प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका में रहेगा|

