
अल्मोड़ा जिले में रानीखेत के ताड़ीखेत की महिलाएं बिच्छू घास के रेशे से राखी, बैग सहित अन्य सजावटी सामान तैयार कर आत्मनिर्भर बनने की ओर चल पड़ी है| इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है| जिसका बीते दिवस शुभारंभ हो गया है|
ग्रामीण उद्योग वेग वृद्धि परियोजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल फाइबर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से ताड़ीखेत विकासखंड सभागार में 20 महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू हुआ| एनसीएआर के डॉ. अतुल सिन्हा के मुताबिक, बेकार समझे जाने वाला बिच्छू घास महिलाओं के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा करेगा| इसके रेशे से राखी, बैग सहित कई अन्य उत्पादन तैयार किए जाएंगे| प्रशिक्षण 12 दिन तक चलेगा| प्रशिक्षण को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला है|

