
डेढ़ महीने के बाद अल्मोड़ा जिले में कोविड-19 ने फिर दस्तक दे दी है| यहां कोरोनावायरस से सामना करने के इंतजाम भी नाकाफी है| अभी जिले में वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है, जांच भी पूरी तरह ठप पड़ी हुई है| ऐसे में जिले के 50 से अधिक टीकाकरण केंद्रों में ताला लगा हुआ है| इस बीच अब पर्यटक सीजन की शुरुआत भी हो गई और मैदानी क्षेत्रों से काफी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन सीमा पर उनकी जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है| ऐसे में जिले में कोविड-19 का खतरा बढ़ रहा है| स्वास्थ्य विभाग अधूरी तैयारी के साथ कोविड-19 का सामना कैसे करेगा|? यह एक चिंताजनक विषय है|
बीते दिनों नैनीताल जिले के गरमपानी में हुई जांच में अल्मोड़ा जिले की दो महिलाएं संक्रमित पाई गई| जिन्हें उनके आवास पर होम आइसोलेट किया गया है|
बता दें कि जिले में बीते 1 महीने से कोविड-19 वैक्सीन नहीं है| जिस कारण 50 से अधिक टीकाकरण केंद्रों में ताले लटके हुए हैं| अभी तक जिले के डेढ़ लाख लोगों को बूस्टर डोज नहीं लगी है| बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोग टीकाकरण केंद्रों में पहुंच रहे हैं लेकिन वहां ताला देखकर मायूस होकर वापस लौट रहे हैं| दूसरी ओर जांच भी पूरी तरह से ठप है| अस्पतालों में पहुंचे संदिग्धों की जांच करने से भी हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं|
एक तरफ जहां उत्तराखंड में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधूरे इंतजाम चिंता का विषय है| मास्क का प्रयोग भी नहीं हो रहा है| लोग बेखौफ भीड़भाड़ वाली जगहों पर घूम रहे हैं| न स्वास्थ्य कर्मी मास्क पहन रहे हैं और न ही आम लोग|
विभाग ने इसकी एसओपी जारी नहीं की है|
विभाग का कहना है कि जल्द कोरोना गाइडलाइन जारी की जाएगी| वैक्सीन की डिमांड दी गई है, जैसे ही वैक्सीन मिलेगी टीकाकरण कार्य शुरू किया जाएगा|

