
50 साल के बाद फिर सैनिकों की थाली में ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज परोसे जाएंगे|
मिली जानकारी के अनुसार, अब सीमा पर तैनात फौजियों से लेकर उनकी आवास तक मुख्य राशन की तौर पर आटा और चावल की जगह श्रीअन्य दिए जाएंगे| सरकार से इसके लिए सेना ने ज्वार, बाजरा और रागी मुहैया कराने को कहा है|
बता दें कि 50 साल पहले मोटा अनाज सैनिकों के राशन का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया|
सेना के अनुसार, यूएन की ओर से 2023-24 को इंटरनेशनल ईयर आफ मिलेट्स घोषित किए जाने के मद्देनजर मोटे अनाज के खपत को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है|
श्रीअन्न में मौजूद उच्च स्तर के प्रोटीन, माइक्रो न्यूट्रेन्टस और फाइटोकेमिकल जवान के भोजन स्तर को कई गुना बढ़ाएंगे|
इसके अलावा बता दें कि सेना के समारोहों, कैंटीन फौजियों के घरों में मोटे अनाज का प्रमुखता से इस्तेमाल होगा| इसके लिए खान सामों को विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है| दुर्गम इलाकों व उत्तरी सीमा में तैनात जवानों हेतु मोटे अनाज के स्नैक और खानपान के विशेष इंतजाम चल रहे हैं|

