आश्रयहीन बालिकाओं के लिए सहारा बनेगी धामी सरकार, पढ़ें पूरी खबर

देहरादून| कोविड-19 के दौरान माता-पिता या दोनों में से किसी एक का साया छिन जाने के कारण कई बच्चे अनाथ हो गए|


कई परिवारों के कमाने वाले सदस्यों की मौत हो गई| राज्य में इससे 6 हजार से अधिक बच्चे अनाथ हुए हैं| जिसमें लगभग 3 हजार बेटियां शामिल है|
समाज कल्याण मंत्री चंदन राम दास के अनुसार, सरकार कोविड-19 या फिर किसी अन्य वजह से राज्य की निराश्रित बेटियों के विवाह का खर्चा उठाएगी| इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और प्रदेश भर में इस तरह की बेटियों का सर्वे कराया जा रहा है|
उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों में जाने पर पता चला है कि कई निराश्रित बेटियां है| कोविड-19 के कारण इनकी संख्या में वृद्धि हुई है| कुछ की मां बीमार है तो पिता का निधन हो चुका है, कुछ के माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है| विधवा महिलाओं की पुत्री के विवाह के लिए विभाग की ओर से सरकार आर्थिक मदद करती है|
सरकार की ओर से अब निराश्रित बेटियों के विवाह का खर्च उठाया जाएगा| मार्च तक इसके सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा|
बाल विकास विभाग के सचिव हरिचंद सेमवाल ने कहा, सीएम वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3000 रुपये हर महीने डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में दिए जा रहे हैं|