
मधुमेह की समस्या आजकल आम हो चुकी है| इसका सबसे बड़ा कारण है गलत खानपान| लेकिन अब वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है| वैज्ञानिकों के मुताबिक अल्ट्रासाउंड की मदद से टाइप-2 मधुमेह को काबू किया जा सकता है| खास बात यह है कि इस इलाज में न तो दवाइयां की जरूरत पड़ती है और न ही इंजेक्शन की| यह अध्ययन जनरल नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रकाशित हुआ| अमेरिका में जीई रिसर्च की एक टीम ने इस प्रयोग को अंजाम दिया है| टीम में येल स्कूल ऑफ मेडिसिन और सनस्क्रीन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च के वैज्ञानिक भी शामिल है| शोधार्थियों के अनुसार एक खास जगह पर लीवर में अल्ट्रासाउंड की किरणें छोड़ी गई जिससे शरीर में इंसुलिन , ग्लूकोस का स्तर काफी कम हो गया| इस तकनीक को पेरीफेरल फोकस्ड अल्ट्रसाउंड सि्टमुलेशन नाम दिया गया है| शोधकर्ताओं के मुताबिक अल्ट्रासाउंड केंद्रों के जरिए लीवर के अंदर संवेदना पैदा करने वाली तंत्रिकाओं को उत्तेजित किया जा सकता है| फिलहाल इस तकनीक का भी परीक्षण चल रहा है| जानवरों पर किए गए प्रयोग के नतीजे उत्साहजनक रहे हैं |उम्मीद जताई जा रही है कि अगर तकनीक सफल रही तो आने वाले समय में ऐसे छोटे उपकरण बनाए जा सकेंगे जिससे लोग घर पर ही मधुमेह का इलाज कर सकेंगे|

